पैरों की खूबसूरती को चार चाँद लगाता है ये कददू पेस्ट

पैरों की खूबसूरती को चार चाँद लगाता है ये कददू पेस्ट

पैरों में अगर रूखापन हो जाये तो पैर बेकार से दिखने लगते है.लेकिन अगर आप अपने रूखे पैरो को कोमल और मुलायम बनाना चाहती है तो ये तरीके अपना सकती है . आज हम आपको लिए एक ऐसा ही बैस्ट तरीका लेकर आए है, जिसका आपको काफी फायदा होगा.  

बनाने के लिए जरूरी सामग्री:

 1/4 कप कद्दू की प्यूरी

 1/4 कप दही 

 1/4 चम्मच दालचीनी पाऊडर

लगाने का तरीका:

सबसे पहले कद्दू की प्यूरी में दालचीनी पाऊडर मिलाएं और फिक इसमें दही डालकर अच्छे से पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को अपने पैरों पर लगाएं और थोड़ी देर ऐसे ही रहने दें। इसके बाद अपने पैरों को सादे पानी से साफ कर लें।

इस पेस्ट के फायदे:

 कद्दू से स्किन पर चमक आती है और त्वचा स्मूद लगती है। कद्दू कोलेजन बढ़ा देता है और त्वचा को पौष्टिक तत्व प्रदान करता है। इसमें जिंक, विटामिन ए और सी, एंटीऑक्सिडेंट और विभिन्न एंजाइमों जैसे पोषक तत्व होते है।

 दही में ऐसे बैक्टीरिया होते है, जो त्वचा पर मौजूद फंगल इंफैक्शन को दूर करते है।

 दालचीनी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन की थकान को दूर करते है और उनमें चमक लाते है।


सर्दी जुकाम से हैं परेशान तो ये जबरदस्त नुस्खा आएगा आपके काम

सर्दी जुकाम से हैं परेशान तो ये जबरदस्त नुस्खा आएगा आपके काम

इस मानसून के मौसम में अक्सर लोग सर्दी जुखाम से परेशान रहते है। इससे छुटकारा पाने के लिए आज हम आपको एक आसान उपाय बता रहे है। जिससे आप कई बीमारियों से छुटकारा पा सकते है। सर्दी और जुखाम के लिए ये उपाय रामबाण साबित हो सकता है। 

करें ये उपाय:

सबसे पहले आधा लीटर गुनगना पानी लेकर उसमें आधा चम्मच नमक मिलाएं। नेति के विशेष बर्तन में इस पानी को भर लें। जलनेति शुरु करने से पहले कागासन की अवस्था में बैठ जाएं। 

दोनों पैरों के बीच में दो फीट की दूरी रखते हुए आगे की ओर झुकें। उस समय जिस नाक के छिद्र से सांस चल रही हो उसके दूसरी तरफ सिर को झुकाएं। जलनेति के बर्तन से नाक के छिद्र में धीरे धीरे पानी डालना शुरु करें। 

इस प्रक्रिया को करते समय मुंह को खोलें रहें। ज्यादा लंबी सांस न लें ताकि पानी नाक के दूसरे छिद्र से निकलता रहे। अब इसी प्रक्रिया को दूसरे नाक के छिद्र से भी करें और ऊपर बताई गई प्रक्रिया को दोहराएं। 

दोनों छेद से ये क्रिया करने के बाद सीधा खड़े हो जाएं। आगे बताए गये योग के अभ्यास को करने से नाक के अंदर का बचा हुआ पानी और म्यूकस और बैक्टीरिया बाहर आ जाएगा।