एक्सपर्ट्स से जानें, कम समय में वजन घटाने के लिए किन बातों पर गौर करना है जरूरी

एक्सपर्ट्स से जानें, कम समय में वजन घटाने के लिए किन बातों पर गौर करना है जरूरी

आधुनिक समय में खराब दिनचर्या, अनुचित खानपान और तनाव के चलते मोटापा आम समस्या बन गई है। यह एक आनुवांशिकी रोग है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहती है। लोग बढ़ते वजन को कंट्रोल करने के लिए नाना प्रकार के जतन करते हैं। हालांकि, इनमें कुछ लोगों को सफलता अधूरे प्रयास के चलते नहीं मिलती है। विशेषज्ञ हमेशा बढ़ते वजन को कंट्रोल करने के लिए कैलोरीज गेन के समानुपात में कैलोरीज बर्न करने की सलाह देते हैं। इसके अलावा, डाइट में फाइबर युक्त चीजों को जोड़ने और  रोजाना वर्कआउट करने के लिए भी कहते हैं। आइए, एक्सपर्ट्स से मोटापा के बारे में उनकी राय जानते हैं-

मैक्स हेल्थकेयर हॉस्पिटल, नई दिल्ली के एंडोक्राइनोलॉजी एवं डायिबटीज प्रमुख डॉ अंबरीश मिठ्ठल/मित्तल के अनुसार-“मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और डिस्लिपिडेमिया ऐसे रोग हैं, जो अधिकांश मोटे लोग में होते हैं। उन्हें एक या एक से अधिक ऐसे रोग होते हैं। जैसे डायिबटीज, ओबेसिटी भी एक पुरानी बीमारी है और इसे जीवन भर के लिए इलाज की जरूरत होती है। यह जीवन की मानिसक और शारीरिक गुणवत्ता को बाधित करता है। इसलिए, हमारा ध्यान दीर्घकालिक देखभाल और रोकथाम पर होना चाहिए। हालांकि, मोटापे के साथ बहुत सारे सामाजिक मिथ्याएं हैं, जिसके कारण रोगी उचित मार्गदर्शन के लिए विशेषज्ञ से परामर्श करने में संकोच करते हैं। वजन प्रबंधन के लिए मुख्य बिंदु अभी भी जीवनशैली में संशोधन करना बना हुआ है। हालांकि, कई लोग को जीवनशैली में बदलाव के अलावा वजन घटाने की दवा (वेट लॉस मेडिकेशंस) की जरूरत पड़ती है। फिलहाल, वेट लॉस मेडिकेशंस का विकल्प अपनाना बहुत सीमित है।”


पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अनिल भंसाली ने मोटापे के प्रबंधन और उपचार के तरीके के बारे में अपनी बात रखते हुए कहा, “वजन कम करना और इसे बनाए रखना कठिन है क्योंकि आपका शरीर वजन घटाने पर प्रतिक्रिया करता है। वजन कम करने के बाद, शरीर इसे फिर से पाने की कोशिश करता है। अधिक वजन और मोटापे के लिए कुछ उपचार में स्वस्थ भोजन के माध्यम से वजन कम करना, अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय होना और अपनी सामान्य आदत में अन्य बदलाव करना शामिल है। वजन-प्रबंधन कार्यक्रम कुछ लोगों का वजन कम करने में मदद कर सकते हैं या खोए हुए वजन को फिर से पाने में मदद कर सकते हैं। कुछ लोग जिनको मोटापा है, वे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त वजन कम नहीं कर पा रहे हैं या फिर वे वजन कम करने में असमर्थ हैं। ऐसे मामलों में एक डॉक्टर अन्य उपचारों को जोड़ने पर विचार कर सकता है, जिसमें वजन कम करने वाली दवाएं, वजन घटाने के उपकरण या बैरियाट्रिक सजर्री शामिल है। अपना वजन कम करने का कार्यक्रम शुरू करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपने चिकित्सक से बात करें और यह समझें कि आप कहां गलती कर रहे हैं और सही हस्तक्षेपों की पहचान करें, जो मोटापे को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में आपकी मदद करेंगे।"


वज़न कंट्रोल रखना चाहते हैं तो इस तरह बनाएं अपना खाना फैट फ्री

वज़न कंट्रोल रखना चाहते हैं तो इस तरह बनाएं अपना खाना फैट फ्री

मोटापा तेजी से पनपने वाली ऐसी बीमारी है जिससे लोग बेहद परेशान है। भारत में 135 मिलियन से ज्यादा लोग मोटापे से पीड़ित हैं। यह मोटापा क्रोनिक बीमारियों जैसे डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग के अलावा अन्य रोगों का सबसे बड़ा कारण है। मोटापा हमारे खान-पान और तनाव की वजह से बढ़ता है। जी हां, तनाव भी आपको मोटा बना सकता है। हमारा खान-पान ऐसा हो गया है कि हम अपने खाने में ऑयल का बेहद इस्तेमाल करते हैं जिसकी वजह से बॉडी में वसा की मात्रा बढ़ती जाती है। आप जानते हैं कि हमारा खाना पकाने के तरीकों की वजह से भी हम खाने में तेल का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। अत्याधिक तेल आपके खाने का स्वाद तो बढ़ा सकता है, लेकिन आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। तेल के अधिक इस्तेमाल से आपके आहार में अत्याधिक कैलोरी शामिल हो जाती है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं भी पैदा हो सकती है। खाना पकाने की कुछ विधियां ऐसी हैं जिसमें कम तेल का इस्तेमाल करके हम अपना वज़न कंट्रोल रख सकते हैं। आइए जानते हैं कि खाना पकाने के तरीके कैसे हमारा वज़न कंट्रोल रखते हैं।


रोस्टेट फूड का करें सेवन:

खाने में तेल की मात्रा को कम करना चाहते हैं तो आप पुराने तरीके से खाना पकाने के बजाए सब्जी, मीट और बेक को रोस्टेट करके पकाएं। रोस्टेट फूड में वसा की मात्रा कम रहेगी और आपका वज़न भी कंट्रोल रहेगा।

एयर फ्रायर में पकाएं और वज़न को कंट्रोल करें:

खाने में फैट की मात्रा कम होती है तो वजन कंट्रोल रहता है। फैट फ्री खाना ना सिर्फ हेल्दी होता बल्कि उसमें कैलोरी भी कम होती है। एयर फ्रायर में खाना पकाकर खाएंगे तो उसमें वसा कम रहेगी और आपका वजन भी कंट्रोल रहेगा।


कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता:

कम वसा का खाना खाने से लिपिड प्रोफाइल नियंत्रित रहता है, जिससे शरीर में गुड कोलेस्ट्रोल सही रहता है और बैड कोलेस्ट्रोल कम होता है।

तंदूर में पकाएं:

ओवन या कड़ाही में डीप फ्राइ करने से एक्राइलामाइड जैसे खतरनाक रसायन बनते हैं जो कार्बोहाइड्राइड को खराब बना देते हैं। स्टडी के मुताबिक एक्राइलामाइड में कैंसर पैदा करने वाली शक्ति होती है। अगर आप डीप फ्राई के मुकाबले तंदूर पर पका कर खाते हैं तो उसमें वसा कम रहेगी। इसके अलावा एलडिहाइड, हेट्रोसाइक्लिक एमिन और पोलीसाइक्लिक एरोमैटिक जैसे खतरनाक रसायन जो डिप फ्राई के कारण बनते हैं, वो तंदूर में नहीं बनते।


ग्रिल या भांप में पकाएं खाना:

अपने खाने को भूनने के बजाय बेक, ग्रिल या भाप में पकाएं। इस तरह पकाएं गए फूड में वसा आपकी बॉडी में कम रहेगी और वजन भी कंट्रोल रहेगा। तले हुए या प्रोसेस्ड स्नैक्स की बजाय बेक किए गए, भुने या स्टीम्ड स्नैक्स को विकल्प के तौर पर चुने।

इन तेलों का करें पकाने में सेवन:

आप ये कोशिश करें कि खाने में सूरजमुखी का तेल, चावल का तेल, अलसी का तेल, तिल का तेल, मूंगफली का तेल, सरसों का तेल, नारियल का तेल इस्तेमाल करें। ये सभी तेल आप कम मात्रा में भी खाने में इस्तेमाल करेंगे तो आपको पर्याप्त पोष्क तत्व मिलेंगे साथ ही इसमें वसा भी कम होगी। ये तेल फैटी एसिड से भरपूर होते हैं जो आपके स्वास्थ्य को कई तरीकों से बेहतर बनाते हैं।


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