आईआईटी बीएचयू ने खोजी ट्रिपल निगेटिव ब्रेस्ट कैंसर की दवा

आईआईटी बीएचयू ने खोजी ट्रिपल निगेटिव ब्रेस्ट कैंसर की दवा

आईआईटी बीएचयू के बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग ने ट्रिपल निगेटिव कैंसर की दवा खोजने का दावा किया है.  इस खतरनाक कैंसर का अच्छा उपचार न होने से पीड़िता की जान बचाना मुश्किल होता था. डाक्टर प्रदीप पाइक ने अपने शोधार्थियों की सहायता से एक ऐसा नैनो कैप्सूल डेवलप किया है,जिसमें उपस्थित दवा कैंसर प्रभावित कोशिका में पहुंचकर उसे मार देगी. दावा है कि नैनो मेडिसिन ट्रिपल निगेटिव ब्रेस्ट कैंसर की सेल को भेदने तथा प्रभावित कैंसर को समाप्त करने की क्षमता रखती है. 

प्रो। प्रदीप पाइक ने बताया कि ट्रिपल निगेटिव स्तन कैंसर स्त्रियों की मौत का बड़ा कारण है. ट्रिपल निगेटिव स्तन कैंसर (टीएनबीसी) की ज्यादातर मरीज 50 साल से कम आयु की महिलाएं हैं. इलाज के बावजूद टीएनबीसी के वापस आने का खतरा बना रहता है. खासकर अगले तीन से पांच सालों तक चिकित्सकों के लिए ऐसे मरीजों को बचा पाना बड़ी चुनौती है. प्रो। प्रदीप पाइक का यह शोध अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिकल में 13 जून 2020 को  प्रमुखता से प्रकाशित हुआ. चूहों पर इस्तेमाल के बाद इस दवा का मानवों पर क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा. 

क्या है ट्रिपल नेगिटिव ब्रेस्ट कैंसर -
कैंसर टेस्ट के दौरान अगर एस्ट्रोजेन, प्रोजेस्ट्रोन व प्रोटीन की रिपोर्ट नेगटिव आती है, तो इसे ट्रिपल-नेगिटिव ब्रेस्ट कैंसर कहते हैं. ट्रिपल-नेगिटिव ब्रेस्ट कैंसर का उपचार अन्य ब्रेस्ट कैंसर के उपचार की तुलना में ज्यादा मुश्किल होता है. स्तन कैंसर को बढ़ाने वाले एस्ट्रोजेन रिसेप्टर, ह्यूमन ऐपिडर्मल ग्रोथ फैक्टर रिसेप्टर-2 व प्रोजेस्टोरेन रिसेप्टर टीएनबीसी में उपस्थित नहीं होते हैं. जबकि आम स्तन कैंसर के इलाज में इन्हीं तीनों रिसेप्टरों का कीमोथेरेपी सहित अन्य थेरेपी से उपचार किया जाता है.
 
ट्रिपल-नेगिटिव ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण- 
स्तन का कठोर होना, स्तन के रंग में बदलाव, निप्पल के आकार में परिवर्तन के साथ-साथ निप्पल से तरल पदार्थ का आना.

नैनो मेडिसिन ऐसे करती है काम-
आईआईटी बीएचयू की ओर से तैयार नैनोमेडिसिन बहुत ही सूक्ष्म कैप्सूल है. इसमें कैंसर की दवा भरी रहती है. इंजेक्शन के माध्यम से इसे शरीर में पहुंचाया जाता है. नैनो कैप्सूल कैंसर प्रभावित सेल की ओर आकर्षित होती है. यह उसमें प्रवेश कर कैंसर सेल को मार देती है. नैनो कैप्सूल में बंद दवा धीरे-धीरे रिलीज होती है. इससे केवल कैंसर कोशिकाएं ही प्रभावित होती हैं. 

नोट- 
ट्रिपल निगेटिव कैंसर की नैनो मेडिसिन मानवों पर क्लीनिकल ट्रायल के बाद मार्केट में उपलब्ध हो पाएगी. कैंसर सेल को मारने की क्षमता वाली दवा कैंसर के इलाज में अच्छा साबित होगी.