नई हील्स से पैरों में होने वाले दर्द से कैसे पाएं छुटकारा

नई हील्स से पैरों में होने वाले दर्द से कैसे पाएं छुटकारा

जब भी नए जूते पहनते है तो अक्सर पैर कट जाते है, जिससे काफी तकलीफ होती है। एेसा अक्सर जूते टाइट होने पर होता है। जब हम टाइट जूते पहनते हैं तो यह त्वचा से रगड़ खाने लगते हैं और इस रगड़ के ही कारण छाले उभर आते हैं।

इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं:

 पैर कट जाने पर बैंड एड्स का इस्तेमाल करें। अगर आप हील्स पहन रही हैं तो घाव वाली जगह पर बैंड एड्स लगा लें। इससे काफी आराम मिलेगा और चलने में भी दिक्कत नहीं होगी।

 जूते पहनने से पहले घाव पर थोड़ा टेलकम पाऊडर लगा लें। इससे दर्द से राहत मिलेगी। अगर आप जुराबें पहन रहे हैं तो ध्यान रखें कि आपके पैंर सूखे हो।

 पैरों में मोटी जुराबें डालकर जूतें पहनें। बाद में जहां से जूते टाइट है वहां ड्रायर से हीट दें। बाद में जूतों को पहनकर तब तक वॉक करें जब तक जूतें पूरी तरह से ठंडे न हो जाएं। इससे जूते से पैर कटेगे नहीं।

 जूते के अंदर टाइट जगह पर थोड़ी सी अल्कोहल स्प्रे करें। रातभर जूतों को सिलवट पड़े पेपर में लपेट दें। सुबह पेपर को निकाल दें और जूते को पहनकर देखे। अब जूतें आपके पैर में फिट आएगे।

 एक साफ आलू को अपने जूतों के अंदर रख दें। रातभर एेसे ही रहने दें। सुबह अपने जूतों को कपड़े से साफ करके पहनें।


सर्दी जुकाम से हैं परेशान तो ये जबरदस्त नुस्खा आएगा आपके काम

सर्दी जुकाम से हैं परेशान तो ये जबरदस्त नुस्खा आएगा आपके काम

इस मानसून के मौसम में अक्सर लोग सर्दी जुखाम से परेशान रहते है। इससे छुटकारा पाने के लिए आज हम आपको एक आसान उपाय बता रहे है। जिससे आप कई बीमारियों से छुटकारा पा सकते है। सर्दी और जुखाम के लिए ये उपाय रामबाण साबित हो सकता है। 

करें ये उपाय:

सबसे पहले आधा लीटर गुनगना पानी लेकर उसमें आधा चम्मच नमक मिलाएं। नेति के विशेष बर्तन में इस पानी को भर लें। जलनेति शुरु करने से पहले कागासन की अवस्था में बैठ जाएं। 

दोनों पैरों के बीच में दो फीट की दूरी रखते हुए आगे की ओर झुकें। उस समय जिस नाक के छिद्र से सांस चल रही हो उसके दूसरी तरफ सिर को झुकाएं। जलनेति के बर्तन से नाक के छिद्र में धीरे धीरे पानी डालना शुरु करें। 

इस प्रक्रिया को करते समय मुंह को खोलें रहें। ज्यादा लंबी सांस न लें ताकि पानी नाक के दूसरे छिद्र से निकलता रहे। अब इसी प्रक्रिया को दूसरे नाक के छिद्र से भी करें और ऊपर बताई गई प्रक्रिया को दोहराएं। 

दोनों छेद से ये क्रिया करने के बाद सीधा खड़े हो जाएं। आगे बताए गये योग के अभ्यास को करने से नाक के अंदर का बचा हुआ पानी और म्यूकस और बैक्टीरिया बाहर आ जाएगा।