कोरोनावायरस का संक्रमण फ़ैल रहा तेजी से, कैसे करे बचाव जाने

 कोरोनावायरस का संक्रमण फ़ैल रहा तेजी से, कैसे करे बचाव जाने

चीन में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. सबसे ज्यादा प्रभाव वुहान शहर में हुआ है, यहां 136 नए मुद्दे सामने आए हैं. तीन मृत्यु हो चुकी हैं. इसकी चपेट में चाइना के कुछ स्वास्थ्यकर्मी भी आए हैं. जापान-थाईलैंड समेत तीन राष्ट्रों में 201 लोगों को यह जकड़ चुका है. हिंदुस्तान में स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐसे लोगों की सूची मांगी है जिन्होंने चाइना के लिए आवेदन किया है.

विशेषज्ञों का बोलना है इसके लक्षण आम समस्याओं जैसे हैं इसलिए इसे सरलता से समझना कठिन है. यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के प्रो। मार्क वूलहाउस का बोलना है कि हमने जानने की प्रयास की कि नए वायरस प्रभाव ज्यादा क्यों है. नए कोरोनावायरस (एनसीओवी) से तेज बुखार, ज्यादा थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, भूख में कमी व डायरिया होने कि सम्भावना है.

Q - क्या है कोरोनावायरसऔर कैसे संक्रमित करता है?
अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, कोरोना वायरस खास किस्म वायरस का एक समूह है जो विशेषतौर पर जानवरों में पाया जाता है. इसे वैज्ञानिक 'जूनोटिक' कहते हैं. जिसका मतलब है दुर्लभ स्थिति में यह जानवरों से निकलकर इंसानों को संक्रमित कर सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, यह सार्स वायरस जितना खतरनाक है. चीन-हॉन्गकॉन्ग में 2002 में सार्स के संक्रमण से 8 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हुए थे. 1425 की मृत्यु हो गई थी.
कोरोनावायरस अब तक खोजे गए 6 सबसे खतरनाक वायरस में से एक है. कोरोनावायरस नए किस्म का वायरस हे जो इंसानों को संक्रमित करता है लेकिन उन्हें पता नहीं चल पाता.
नॉटिंघम यूनिवर्सिटी के वायरोलॉजिस्ट जोनाथन बॉल के मुताबिक बहुत हद तक संभव है कि पशुओं से ही इंसानों तक पहुंचा हो. चाइना के नेशनल हेल्थ कमीशन ने इससे पहले बोला था कि इसे कंट्रोल किया जा सकता है. पर अब यह कठिन लग रहा है.

Q - कैसे समझें वायरस का संक्रमण हुआ है?
इसके लक्षण आमतौर पर सर्दी जुकाम जैसे दिखते हैं. कफ, गले में सूजन, सिरदर्द, कई दिनों तक तेज बुखार व सांस लेने में परेशानी हो तो यह कोरोना वायरस के संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं. इसलिए अलर्ट होने की आवश्यकता है व विशेषज्ञ से सलाह लें.

Q -सार्स व कोरोनावायरस में अंतर क्या है?
आमतौर पर वायरस निर्बल रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले इंसानों को संक्रमित करते हैं. इनमें खासतौर पर बच्चे व बुजुर्ग शामिल होते हैं. वायरस का संक्रमण निमोनिया, ब्रॉन्काइटिस की तरह सांस में नली में सूजन के रूप में दिखता है.

कुछ चुनिंदा कोरोनावायरस ऐसे हैं जो इंसानों के लिए बहुत ज्यादा खतरनाक माने जाते हैं. जैसे मिडिल ईस्ट रेस्पिरेट्री सिंड्रोम (MERS) का कारण बनने वाला मेर्स वायरस. व सीवियर एक्यूट रेस्पिरेट्री वायरस (सार्स). इसलिए सरल भाषा में कहें तो सार्स भी एक तरह का कारोनावायरस है लेकिन नया वायरस थोड़ा ज्यादा खतरनाक है.
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, पहली बार सार्स को चाइना के गुआंगडोग प्रांत में खोजा गया था. यह सबसे पहले सांस की नली को प्रभावित करता है. जिसके कारण मरीज को सांस लेने में तकलीफ, थकान, डायरिया व गंभीर स्थिति किडनी फेल होने की स्थिति भी बन सकती है. गंभीर स्थिति का आधार मरीज की आयु होता है यानी जितनी ज्यादा आयु उतना ज्यादा मृत्यु का खतरा.
Q -कैसे फैलता है यह वायरस?
जानवरों के सम्पर्क में आने वाले इंसानों को यह वायरस संक्रमित करता है. सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, यह जुकाम, छींक व हाथ मिलाने से भी फैल सकता है. इसके अतिरिक्त संक्रमित मरीज के सम्पर्क में आने पर इसका खतरा ज्यादा रहता है.