मधुमेह या डायबिटीज में दे इन बातो पर खास ध्यान, जाने

मधुमेह या डायबिटीज में दे इन बातो पर खास ध्यान, जाने

मधुमेह या डायबिटीज अब युवाओं को भी रोगी बना रही है. हाल ही अमरीकी रोग नियंत्रण व रोकथाम केन्द्र की एक नयी रिपोर्ट के अनुसार देश में प्रत्येक 4 में से 1 युवा (24 प्रतिशत) व 5 किशोर (18 प्रतिशत) में से 1 प्री-डायबिटीज का शिकार है. अमरीकी रोग नियंत्रण एवं समाधान केन्द्र (सीडीसी) के अनुसार अमरीका समेत पूरी संसार में युवा पहले की पीढ़ी की तुलना में आज इस बीमारी से ज्यादा ग्रस्त हैं.

बात करें हिंदुस्तान की तो नेशनल अर्बन डायबिटीज सर्वे के अनुसार, हिंदुस्तान में प्री-डायबिटीज के 14 प्रतिशत रोगी हैं. वहीं कुछ सर्वे में सामने आया है कि हिंदुस्तानियों को दिल रोग होने का खतरा अधिक होता है. दुनिया स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर कार्य करने वाली एक संस्था सेंटर फॉर नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज प्रिवेंशन व भारतीय डायबिटिक फेडेरेशन सेंटर ऑफ एज्युकेशन के अुनसार हिंदुस्तान में करीब 8 करोड़ लोगों को भिन्न-भिन्न स्तर की डायबिटीज है. खाने की आदतों में परिवर्तन न करने व व्यायाम के अभाव में प्री-डायबिटिक टाइप 2 मधुमेह तेजी से पनप रहा है. दुनिया स्वास्थ्य संगठन की 2016 की एक रिपोर्ट के अनुसार संसार भर में 1.6 मिलियन (16 लाख) लोगों की मृत्यु के लिए मधुमेह सीधे तौर पर जिम्मेदार था.

90 प्रतिशत लोग अनजान -
हालांकि डायबिटीज व प्री-डायबिटीज किसी भी आयु के आदमी को हो सकती है. आमतौर पर यह मध्यम आयु वर्ग व वृद्धों में अधिक होती है. सीडीआई के अनुसार कई लोगों में प्री-डायबिटीज के सामान्य रूप से कोई लक्षण नजर नहीं आते. वहीं 90 प्रतिशत लोग तो इससे जाँच होने तक अनजान ही रहते हैं. अमरीका में वर्तमान में किशोरवय आयु के बच्चों में यह रोग तेजी से पनप रहा है.
- 5768 उत्तरदाताओं ने सर्वे में पूछे गए सवालों का जवाब दिया था
- 12 से 34 आयु वर्ग के युवा शामिल थे जिन्हें किसी न किसी प्रकार कर मधुमेह था
- 16 लाख लोगों की मृत्यु हुई थी संसार भर में इससे (डब्ल्यूएचओ के अनुसार)
- 24 प्रतिशत युवा व 18 प्रतिशत अमरीकी किशोर हैं प्री-डायबिटिक के शिकार
- 08 करोड़ से ज्यादा मधुमेह रोगी हैं हिंदुस्तान में दुनिया स्वास्थ्य संगठन के अनुसार