कैस्टर ऑयल आँखों के लिए है रामबाण औषधि

कैस्टर ऑयल आँखों के लिए है रामबाण औषधि

कैस्टर ऑयल का स्वाद भले ही आपको अच्छा ना लगे, पर क्या जानती है कि इस तेल में कितने ऐसे पौष्टिक तत्व होते है जो ना केवल आपके बालों एवं त्वचा के लिए फायदेमंद होते है बल्कि हमारे सेहत के लिए काफी लाभाकरी साबित होते हैं। कैस्टर ऑयल का उपयोग आप अपनी आंखों के इलाज के लिए भी कर सकती है। आज हम आपको बता रहें हैं कि ये किस प्रकार से आपकी आंखों के उपचार में बेहतर परिणाम देने में मदद करता है। 

 आखों का सूखापन: कभी-कभी प्रदूषण और आतंरिक तनाव के कारण हमारी आंखों का पानी सूख जाता है। जिससे कई तरह की समस्याएं पैदा होने लगती है। इस समस्या के लिए के लिए अरंडी का तेल(कैस्टर ऑयल) सबसे अच्छा उपचार साबित होता है।

 मोतियाबिंद का इलाज: मोतियाबिंद के इलाज के लिए किसी भी प्रकार की शल्य चिकित्सा पद्धति लोगों के बीच उपलब्ध नहीं थी, तब लोग मोतियाबिंद के इलाज के लिए अरंडी के तेल का ही इस्तेमाल किया करते थे।

 सूजन को कम करता: कैस्टर ऑयल आंखों की जलन खुजली को कम करके उसकी सूजन के साथ ही आंखों के नीचे होने वाले दाग धब्बों को भी कम करने में मदद करता है।

 पलकों की ग्रोथ: यह काफी कम समय में ही यह आपकी आईब्रो को घना करने में मदद करता है। इसका उपयोग रोज रात को सोने से पहले अपनी पलकों पर करें और इस तेल की मालिश करके ही सोएं।

 काले घेरे और झुर्रियों: आप आखों के आस-पास के हिस्सों पर रोज रात को सोने से पहले अरंडी के तेल की कुछ बूंदों को लेकर धीरे-धीरे मालिश करें। 

 संक्रमण से बचाव: इस तेल का उपयोग नियमित रूप से करने से आप हर संक्रमण से बच सकती हैं। इस औषधिय उपचार का उपयोग करने के लिए इस तेल की मात्र एक बूंद ही आपकी हर समस्या के लिए काफी है।


सर्दी जुकाम से हैं परेशान तो ये जबरदस्त नुस्खा आएगा आपके काम

सर्दी जुकाम से हैं परेशान तो ये जबरदस्त नुस्खा आएगा आपके काम

इस मानसून के मौसम में अक्सर लोग सर्दी जुखाम से परेशान रहते है। इससे छुटकारा पाने के लिए आज हम आपको एक आसान उपाय बता रहे है। जिससे आप कई बीमारियों से छुटकारा पा सकते है। सर्दी और जुखाम के लिए ये उपाय रामबाण साबित हो सकता है। 

करें ये उपाय:

सबसे पहले आधा लीटर गुनगना पानी लेकर उसमें आधा चम्मच नमक मिलाएं। नेति के विशेष बर्तन में इस पानी को भर लें। जलनेति शुरु करने से पहले कागासन की अवस्था में बैठ जाएं। 

दोनों पैरों के बीच में दो फीट की दूरी रखते हुए आगे की ओर झुकें। उस समय जिस नाक के छिद्र से सांस चल रही हो उसके दूसरी तरफ सिर को झुकाएं। जलनेति के बर्तन से नाक के छिद्र में धीरे धीरे पानी डालना शुरु करें। 

इस प्रक्रिया को करते समय मुंह को खोलें रहें। ज्यादा लंबी सांस न लें ताकि पानी नाक के दूसरे छिद्र से निकलता रहे। अब इसी प्रक्रिया को दूसरे नाक के छिद्र से भी करें और ऊपर बताई गई प्रक्रिया को दोहराएं। 

दोनों छेद से ये क्रिया करने के बाद सीधा खड़े हो जाएं। आगे बताए गये योग के अभ्यास को करने से नाक के अंदर का बचा हुआ पानी और म्यूकस और बैक्टीरिया बाहर आ जाएगा।