अक्ल दाढ़ के दर्द से है परेशान तो कर सकते है ये इलाज

अक्ल दाढ़ के दर्द से है परेशान तो कर सकते है ये इलाज

अक्ल दाढ़ आमतौर पर यह किशोरावस्था के बाद ही आती है। यह दाढ़ कई बार बहुत ज्यादा परेशान करती हैं और कभी दर्द इतना बढ़ जाता है कि इसे सहन भी नहीं किया जा सकता। अगर दाढ़ टेढ़ी है, इसमें लगातार दर्द हो रहा है या इसमें संक्रमण हो गया है तो इसे निकलवाना ही बेहतर होता है।

अक्ल दाढ़ के दर्द का इलाज:

 जब दर्द असहनीय हो जाए तथा तकलीफ बढ़ने लगे तो उस दाढ़ को नीम-हकीमों से बचते हुए किसी कुशल प्रशिक्षित चिकित्सक से सलाह-मश्र्विरा कर निकलवा देने से पीड़ाजनक समस्या से निजात पाई जा सकती है। 

 इस दर्द को कम करने के लिए घर पे हल्के गुनगुने पानी में थोड़ा सा नमक डाल कर कुल्ला करने से मसूड़ों के दर्द और सूजन की समस्या से राहत मिलती है।

 लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबायोटिक और एंटी- इंफ्लामेट्री और दूसरे कई औषधीय गुण पाए जाते हैं जो अक्ल दाढ़ के दर्द को कम करने में मदद करते हैं। 

 तेज दर्द के दौरान दर्द वाले हिस्से पर लौंग का तेल लगाना बेहद उपयोगी माना जाता है। लेकिन इससे छुटकारा पाने के लिए आपको किसी कुशल दन्त चिकित्सक के पास ही जाना चाहिए।


सर्दी जुकाम से हैं परेशान तो ये जबरदस्त नुस्खा आएगा आपके काम

सर्दी जुकाम से हैं परेशान तो ये जबरदस्त नुस्खा आएगा आपके काम

इस मानसून के मौसम में अक्सर लोग सर्दी जुखाम से परेशान रहते है। इससे छुटकारा पाने के लिए आज हम आपको एक आसान उपाय बता रहे है। जिससे आप कई बीमारियों से छुटकारा पा सकते है। सर्दी और जुखाम के लिए ये उपाय रामबाण साबित हो सकता है। 

करें ये उपाय:

सबसे पहले आधा लीटर गुनगना पानी लेकर उसमें आधा चम्मच नमक मिलाएं। नेति के विशेष बर्तन में इस पानी को भर लें। जलनेति शुरु करने से पहले कागासन की अवस्था में बैठ जाएं। 

दोनों पैरों के बीच में दो फीट की दूरी रखते हुए आगे की ओर झुकें। उस समय जिस नाक के छिद्र से सांस चल रही हो उसके दूसरी तरफ सिर को झुकाएं। जलनेति के बर्तन से नाक के छिद्र में धीरे धीरे पानी डालना शुरु करें। 

इस प्रक्रिया को करते समय मुंह को खोलें रहें। ज्यादा लंबी सांस न लें ताकि पानी नाक के दूसरे छिद्र से निकलता रहे। अब इसी प्रक्रिया को दूसरे नाक के छिद्र से भी करें और ऊपर बताई गई प्रक्रिया को दोहराएं। 

दोनों छेद से ये क्रिया करने के बाद सीधा खड़े हो जाएं। आगे बताए गये योग के अभ्यास को करने से नाक के अंदर का बचा हुआ पानी और म्यूकस और बैक्टीरिया बाहर आ जाएगा।