एक्‍टर अभिषेक बच्‍चन अब पहली बार वेब सीरीज की संसार में रख रहे कदम

एक्‍टर अभिषेक बच्‍चन अब पहली बार वेब सीरीज की संसार में रख रहे कदम

लॉकडाउन की वजह से स‍िनेमा व टीवी की संसार में भले ही कुछ देर के लिए ब्रेक लगा हो, लेकिन ड‍िजिटल की संसार में लगातार नया कंटेंट दर्शकों को देखने को मिल रहा है। 

फिल्‍मों के बाद एक्‍टर अभिषेक बच्‍चन (Abhishek Bachchan) ने भी वेब की संसार के इसी क्रेज को देखते हुए पहली बार वेब सीरीज की संसार में कदम रखा है। अभिषेक बच्‍चन की डेब्‍यू वाली अमेजन प्राइम की वेब सीरीज 'ब्रीद: इंटू द शेडोज' (Breathe into the shadows) का दूसरा सीजन आज र‍िलीज हो चुका है। न‍िर्देशक मयंक शर्मा की ये वेब सीरीज एक सस्‍पेंस अपराध थ्रिलर है, जिसमें अभिषेक बच्‍चन एक साइकियाट्रिस्‍ट की भूम‍िका में हैं। जानें कैसी है अभिषेक बच्‍चन की ये वेब सीरीज।

वेब सीरीज: Breathe into the shadows
न‍िर्देशक: मयंक शर्मा
एक्‍टर: अभिषेक बच्‍चन, नित्‍या मेनन, अमित साध



Breathe: into the shadows द‍िल्‍ली में रहने वाले एक सायकायट्रिस्‍ट अव‍िनाश सबरवाल (अभिषेक बच्‍चन) के परिवार की कहानी है, जो अपनी पत्‍नी आभा (न‍ित्‍या मेनन) व बेटी स‍िया (इवाना कौर) के साथ रहता है। इस छोटे से परिवार से एक द‍िन आकस्मित उनकी बेटी स‍िया गायब हो जाती है व फिर प्रारम्भ होती है उसे ढूंढने की कोशिश। इसी प्रयास में इंस्‍पेक्‍टर कबीर सावंत (अमित साध) की एंट्री होती है जो बहुत ज्यादा रोमांच लाती है। अब ये प्रयास पूरी होती है या नहीं इसे ही इस वेब सीरीज में द‍िखाया गया है। अमित साथ, इस वेब सीरीज के पहले सीजन में भी नजर आ चुके हैं व उस सीजन में अमित का भूमिका कबीर सावंत इस सीजन में मुंबई से द‍िल्‍ली आ पहुंचा है। इस वेब सीरीज में बहुत ज्यादा ट्विस्‍ट ऐंड टर्न हैं व खून होने से लेकर क्रिमिनल तक पहुंचने तक बहुत कुछ ऐसा है जो आपको अपनी स्‍क्रीन से बांधे रख सकता है।

दरअसल, इस कहानी का लब्‍बो-लुबाब कहें तो कई व वेब सीरीज की तरह ही इस सीरीज में भी एक शख्‍स अपने परिवार को बचाने के लिए हर हद पार करता है। इससे पहले सुष्मिता सेन की 'आर्या' व इसी वेब सीरीज का पहला सीजन भी ऐसा ही कुछ द‍िखा चुका है।



एक्टिंग की बात करें तो इस बात में कोई दोराह नहीं हैं कि अभिषेक बच्‍चन एक अच्‍छे एक्‍टर हैं व उनका स्‍क्रीन प्र‍िजेंस बहुत ज्यादा अच्‍छा है। इस वेब सीरीज में भी अभिषेक ने अच्‍छा कार्य किया है। वहीं, एक्‍ट्रेस न‍ित्‍या मेनन की बात करें तो एक मां, जिसकी 6 वर्ष की बेटी का किडनैप हुआ है, इस अंदाज को उन्‍होंने बखूबी पकड़ा है। पुलिस इंस्‍पेक्‍टर कबीर के भूमिका में अमित ब‍िल्कुल भी र‍िपीट होते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। उनका अंदाज इस बार बहुत ज्यादा अलग नजर आता है।

Breathe into the shadows की कहानी, इस शो के न‍िर्देशक मयंक शर्मा ने ही ल‍िखी है। शायद यही वजह है कि उनकी पकड़ एक न‍िर्देशक के तौर पर इस कहानी पर जबरदस्‍त है। जैसा क‍ि मैंने पहले बोला कि इस म‍िजाज की कहानी हमने वेब शोज में पहले भी देखी है, लेकिन इसका ट्रीटमेंट व इसका न‍िर्देशन इसे बहुत ज्यादा ताजा व अलग बनाता है। शो की सफलता है कि आप हर एक एपिसोड के बाद इसका दूसरा एपिसोड देखना ही चाहेंगे। सस्‍पेंस के सीन आपकी भी सांस अटका देंगे।



हालांकि, परफॉर्मेंस व अच्‍छे न‍िर्देशन के बाद भी बहुत ज्यादा ऐसे हिस्‍से हैं जो इस सीरीज का ढीला साबित करते हैं। जैसे कहानी की आरंभ जो बहुत ज्यादा ढीली है। इसके अतिरिक्त ये महत्वपूर्ण नहीं कि अपराध थ्रिलर में हमेशा इतना अंधेरा ही रखा जाए जो कई बार बहुत बोझिल हो जाता है। अगर आप थ्रिलर देखना चाहते हैं तो ब्रीद एक अच्‍छा एक्‍सपीरंस होने कि सम्भावना है।