कब्रिस्तान व मंदिर चहारदीवारी की घेराबंदी के काम में लाएं तेजी

कब्रिस्तान व मंदिर चहारदीवारी की घेराबंदी के काम में लाएं तेजी

जिले में कब्रिस्तान की चाहरदीवार घेराबंदी व मंदिर चाहरदीवार घेराबंदी को लेकर जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी से रिपोर्ट उपलब्ध कराकर विभागीय अभियंता द्वारा चहारदीवार निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इससे संबंधित जो भी काम हैं उन्हें अति शीघ्र करवाने को कहा है।

जिलाधिकारी ने कहा कि चाहरदीवार घेराबंदी की समीक्षा विभाग स्तर पर की जा रही है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतें। जो भी काम है उसमें तेजी लाने का निर्देश अनुमंडल अधिकारी को दिया गया। जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने सोमवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश दिए।

लोक शिकायत निवारण में आए मामलों को अधिकतम 60 दिन में जरूर निपटाएं

लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम की समीक्षा के क्रम में जिला पदाधिकारी ने लोक शिकायत की सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदन के आलोक में गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय अवधि जो अधिकतम 60 दिनों का है। समय अवधि के अंदर मामलों का निवारण करें।


सीएम के जनता दरबार में पहुंचे मामलों को जिला स्तर से अविलंब करें निपटारा

सीएम डैशबोर्ड तथा सीपीग्राम की समीक्षा में जिला पदाधिकारी ने प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी को प्रखंड निरीक्षण के दौरान सीएम डैशबोर्ड एवं सीपीग्राम के लंबित मामलों की समीक्षा कराते हुए गुणवत्तापूर्ण रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित करेंगे।

मुख्यमंत्री जनता के द्वार पटना में सुनवाई होने वाले मामलों की कार्रवाई रिपोर्ट संबंधित जिलों को भेजा जा रहा है। इसी आलोक में सभी प्रखंडों के आवेदक की सूची तैयार कर प्रत्येक सप्ताह अद्यतन प्रतिवेदन की समीक्षा करने को कहा। इधर, सीडब्ल्यूजेसी /एमजेसी की समीक्षा में बताया कि अपर समाहर्ता राजस्व, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, वरीय पदाधिकारी आरटीपीएस, विद्युत, जिला खाद्य आपूर्ति, सहकारिता, सहायक आयुक्त कार्यालय में सीडब्ल्यूजेसी के मामले लंबित हैं। जिलाधिकारी ने अति शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। बैठक में सभी विभागों के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

जल जीवन हरियाली में गया बना नंबर वन, मनरेगा से अब तक 8.16 लाख पौधे लगे

डीआरडीए निदेशक संतोष कुमार ने बताया कि जल जीवन हरियाली योजना के तहत पूरे बिहार में इस माह गया जिला का पहला स्थान है। जिलाधिकारी ने मनरेगा पंचायती राज तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के द्वारा सार्वजनिक कुओं का निर्माण तथा जीर्णोद्धार के कार्य, चापाकलों के समीप, आहर, पोखर, पइन के समीप सोख्ता का निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया। पौधारोपण की समीक्षा में बताया गया कि मनरेगा से इस वर्ष 11 लाख पौधा लगाने का लक्ष्य है। इसके जवाब में अभी तक लगभग 8 लाख 16 हजार पौधे लगाए गए हैं। साथ ही वैसे क्षेत्र जहां गैवियन की आवश्यकता पड़ रही है वहां गैवियन युक्त पौधा लगाए जा रहे हैं।


बिहार की शिक्षा व्‍यवस्‍था पर उठे सवाल, गया सदर के स्‍कूलों में बगैर पुस्तक पढ़ रहे 30 हजार विद्यार्थी

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सरकारी विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों का पढ़ाई-लिखाई बेहतर हो, इसके लिए सरकार काफी प्रयास कर रही है। विद्यार्थियों को पुस्तक खरीदने के लिए बैंक में खाता खोलाकर राशि भेजी गई। उन्हें समय पर पुस्तक मिले इसके लिए बीआरसी एवं सीआरसी स्तर पर कैंप लगाने की जिम्मेवारी एक पुस्तक कंपनी ने उठाया। लेकिन कंपनी ने दो-चार जगह पर ही कैंप लगाई। जिसके कारण सभी विद्यार्थियों के पास पुस्तक उपलब्ध नहीं हुआ। नगर निगम के 127 और नगर प्रखंड के 115 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में शिक्षा सेवकों के द्वारा सर्वे कराया गया। इसमें 238 विद्यालय का रिपोर्ट केआरपी के पास जमा हुई। 238 विद्यालय में 52298 छात्र-छात्रा नामांकित हैं। इसमें 9915 विद्यार्थियों के पास नया पुस्तक उपलब्ध है। 5903 विद्यार्थियों के पास पुरानी पुस्तक है। 6019 विद्यार्थियों के पास कुछ नया और कुछ पुराना पुस्तक है। जबकि 30461 छात्र-छात्रा के पास एक भी पुस्तक नहीं है।

छह माह बाद भी नहीं मिली पुस्तक 

गया सदर के 238 विद्यालय में नामांकित 52298 छात्र-छात्रा में 30461 विद्यार्थियों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त विद्यार्थियों को मार्च माह में ही वर्गवार पुस्तक उपलब्ध करा देना था। लेकिन छह माह बाद भी 30461 विद्यार्थियों को पुस्तक उपलब्ध नहीं कराया गया। इन बच्चों का पठन-पाठन कैसे होता होगा इसका आकलन आप भी लगा सकते हैं।


कैंप लगता तो बच्चे खरीद लेते पुस्तक

नगर प्रखंड के मध्य विद्यालय नीमा के शिक्षा सेवक ने कहा कि 316 विद्यार्थी नामांकित हैं। जिसमें 59 छात्र-छात्रा के पास पुस्तक है। जबकि 257 विद्यार्थियों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त छात्र-छात्रा का कहना है कि अगर कैंप लगाकर पुस्तक दी जाए तो हमलोग पुस्तक खरीद लेगें। डुमरा प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी मो अजीम का कहना है कि हमारे विद्यालय में भी काफी बच्चों के पास पुस्तक नही है। बगैर पुस्तक के बच्चों का पढ़ाई-लिखाई सही से नहीं हो रहा है। बीआरसी में जाने के बाद जानकारी मिली थी कि कैंप लगाकर विद्यार्थियों को पुस्तक दिया जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। जिसके कारण बच्चों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। मध्य विद्यालय चौहर के प्रधानाध्यापक बद्री नारायण प्रजापति का कहा कि किताब खरीदने के लिए कैंप नहीं लगी है। जिसके कारण विद्यार्थियों के पास पुस्तक नहीं है।


रखी जाएगी बात 

केआरपी दशरथ प्रसाद का कहना है कि गया सदर के 242 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में शिक्षा सेवक के द्वारा सर्वे कराया गया। जिसमें 238 विद्यालय की रिपोर्ट आई। जहां 30461 छात्र-छात्रा के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त विद्यार्थियों को पुस्तक जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की बात संबंधित अधिकारियों से कही जाएगी।