कोरोना के नए वेरिएंट के खतरे के बीच विदेशों से पटना लौटे 580 लोगों में से सिर्फ 85 की हुई पहचान, 475 लोगों को ढूढने में जुटा स्वास्थ्य विभाग

कोरोना के नए वेरिएंट के खतरे के बीच विदेशों से पटना लौटे 580 लोगों में से सिर्फ 85 की हुई पहचान, 475 लोगों को ढूढने में जुटा स्वास्थ्य विभाग

कोरोना के नए वेरिएंट (Corona New Variant) के खतरे के बीच विदेश से आने वाले यात्रियों पर सख्त नजर रखी जा रही है. लेकिन फिर भी 560 में से सिर्फ 85 लोगों का ही कोरोना टेस्ट स्वास्थ्य विभाग करा सका है. स्वास्थ्य विभाग को इस बात की कोई खबर नहीं है कि विदेश से लौटे (Foreign Return Passenger) यात्री राज्य में ही हैं या देश के किसी और कोने में है. कई यात्रियों का मोबाइल नंबर बंद आ रहा है. वहीं कई लोग स्वास्थ्य विभाग को सही जानकारी नहीं दे रहे हैं.

देश के कई राज्यों में ओमिक्रोन वायरस के केस मिलने के बाद विदेश से लौटे यात्रियों की तलाश बिहार स्वास्थ्य विभाग (Bihar Health Department)  ने तेज कर दी है. आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार को पटना में 560 यात्री विदेश से यात्रा कर लौटे थेय इसी लिस्ट स्वास्थ्य विभाग को पांच दिन पहले ही दे दी गई थी. लेकिन इसके बाद भी सिर्फ 85 लोगों को ही अब तक ट्रेस किया जा सका है. जिनमें 55 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव (Corona Report) है. 20 की रिपोर्ट अभी नहीं आई है.

स्वास्थ्य विभाग ने तेज की यात्रियों की तलाश

कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट से देश में हड़कंप मचा हुआ है. संक्रमण के मामले सामने आते ही बिहार सरकार भी अलर्ट हो गई है. राज्य में विदेशों से आने वाले यात्रियों की तलाश तेज हो गई है. ऐसे लोगों की तलाश के लिए एक खास टीम लगाई गई है. ये टीम विदेशी यात्रियों की तलाश कर रही है. पुलिस भी इस काम में टीम की मदद कर रही है. अगर सही समय पर सभी की टेस्टिंग नहीं की गई तो संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है.

कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा

विदेश से लौटे यात्रियों की तलाश और वह किसके संपर्क में आए हैं यह पता लगाना स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ी चुनौती है. अगर एक भी यात्री कोरोना संक्रमित हुआ तो इससे वह संपर्क में आए लोगों को भी संक्रमित कर सकता है.अब तक मिले मामलों से साफ है कि नए वेरिएंट में संक्रमण फैलाने की क्षमता पहले से ज्यादा है. स्वास्थ्य विभाग पूरी क्षमता के साथ लोगों की तलाश में जुट गया है. टीम के समस्यों की संख्या भी बढ़ा दी गई है. लेकिन फिर भी लोगों की जानकारी नहीं मिल पा रही है. जो लोग अब तक मिले हैं उसका टेस्ट कराया गया है. सरकार ने भी आदेश दिया है कि जल्द से जल्द विदेश से लौटे लोगों की पहचान कर उनका टेस्ट कराया जाए.


बिहार दर्दनाक हादसा! SBB कैंप पर गिरा हाई वोल्टेज तार, इतने जवानो की मौत

बिहार दर्दनाक हादसा! SBB कैंप पर गिरा हाई वोल्टेज तार, इतने जवानो की मौत

बिहार के सुपौल जिले में एसएसबी की 45वीं बटालियन के वीरपुर कैंप में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से तीन ट्रेनी जवानों की मौत हो गई, जबकि आठ झुलस कर घायल हो गए। इसमें से चार घायलों को डीएमसीएच रेफर कर दिया गया है। हादसे के बाद कैंप में अफरा तफरी का माहौल है।  



तीनों की मौके पर ही हुई मौत
मृतकों में महाराष्ट्र निवासी अतुल पाटिल (30 वर्ष), परशुराम सबर (24 वर्ष) और महेंद्र चंद्र कुमार बोपचे (28 वर्ष) हैं। इनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं घायल जवान नरसिंह चौहान, के चंद्रशेखर, परितोष अधिकारी, मांडवे राजेंद्र, मोहम्मद शमशाद, सुकुमार वर्मा, सोना लाल यादव और आनंद किशोर को अनुमंडल अस्पताल लाया गया है। प्रारंभिक इलाज के बाद चार घायल जवानों को रेफर कर दिया गया है। 

टेंट उतारते समय पाइप से छू गया तार 
जानकारी के मुताबिक, वीरपुर कैंप में 45वीं बटालियन के कमांडेंट एचके गुप्ता का ट्रांसफर हो गया। इसी सिलसिले में बुधवार सुबह उनकी विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। यहां टेंट और तंबू लगाया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे ट्रेनी जवानों को टेंट खोलने के लिए लगाया गया। इसी दौरान ऊपर से गुजर रहे हाई वोल्टेज तार से टेंट का एक पाइप छू गया और करंट पूरे टेंट में उतर आया। एक साथ काम कर रहे सभी जवान इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे के बाद वीरपुर कैंप में हड़कंप मच गया।