अगस्‍त में खुल जाएंगे 10वीं तक के स्‍कूल, इसकी गाइडलाइन भी जानिए

अगस्‍त में खुल जाएंगे 10वीं तक के स्‍कूल, इसकी गाइडलाइन भी जानिए

बिहार में कोरोना वायरस महामारी (CoronaVirus Pandemic) के घटे मामलों को देखते हुए नीतीश सरकार (Nitish Government) क्रमवार राज्‍य को अनलॉक (Phased Unlock) कर रही है। इसके तहत शिक्षण संस्‍थान (Educational Institutions) भी खोले जा रहे हैं। कोरोना से बचाव की गाइडलाइंस (COVID-19 Guidelines) के तहत 11वीं व 12वीं के स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थान खुल चुके हैं। आगे अगस्‍त के दूसरे सप्‍ताह से 10वीं तक के स्‍कूल भी खोल दिए जाएंगे। राज्‍य का आपदा प्रबंधन समूह (Crisis Management Group) इसके लिए जल्‍दी ही गाइडलाइंस जारी करेगा।

दूसरी लहर में पांच अप्रैल से बंद किए गए थे शिक्षण संस्थान

विदित हो कि कोरोनावायरस संक्रमण की दूसरी लहर (Second Wave of CoronaVirus Infection) में बीते तीन अप्रैल को आपदा प्रबंधन समूह की हुई बैठक में राज्य सरकार ने पांच अप्रैल से सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया था। इसके बाद बीते महीने खोले गए शिक्षण संस्‍थानों में कोरोना से बचाव के लिए सख्‍त गाइडलाइन लागू की गई है। ऐसी ही गाइडलाइन आगे 10वीं तक के स्‍कूलों के लिए भी लागू की जाएगी।


10वीं तक के स्‍कूलों की संभावित गाइडलाइन, एक नजर

स्‍कूलों में 50 फीसद छात्र-छात्राओं को ही आने की अनुमति दी जाएगी।
स्‍कूल के प्रवेश द्वार पर ही छात्र-छात्राओं व स्‍कूल कर्मियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।
आगमन व प्रस्थान के समय स्कूल गेट खोलकर रखने होंगे। आने-जाने के लिए अलग-अलग गेट होंगे।
स्‍कूलों में बगैर मास्‍क प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मुख्‍य द्वार से लेकर स्‍टाफ रूम व कक्षाओं तक जगह-जगह हैंड सेनिटाइजर भी रखना होगा।
कोरोनावयरस की वेैक्सीन ले चुके शिक्षकों और कर्मचारियों को ही प्रवेश दिया जाएगा।
कक्षाओं में कम से कम छह फीट की दूरी रखनी होगी। स्टाफ रूम, कार्यालय व आगत कक्ष के लिए भी यही नियम रहेगा।
जिन स्‍कूलों में अधिक नामांकन है, वे दो पालियों में संचालित किए जाएंगे।
स्कूलों में समारोह या त्योहार आदि के आयोजन नही किए जाएंगे। 


बिहार की शिक्षा व्‍यवस्‍था पर उठे सवाल, गया सदर के स्‍कूलों में बगैर पुस्तक पढ़ रहे 30 हजार विद्यार्थी

बिहार की शिक्षा व्‍यवस्‍था पर उठे सवाल, गया सदर के स्‍कूलों में बगैर पुस्तक पढ़ रहे 30 हजार विद्यार्थी

सरकारी विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों का पढ़ाई-लिखाई बेहतर हो, इसके लिए सरकार काफी प्रयास कर रही है। विद्यार्थियों को पुस्तक खरीदने के लिए बैंक में खाता खोलाकर राशि भेजी गई। उन्हें समय पर पुस्तक मिले इसके लिए बीआरसी एवं सीआरसी स्तर पर कैंप लगाने की जिम्मेवारी एक पुस्तक कंपनी ने उठाया। लेकिन कंपनी ने दो-चार जगह पर ही कैंप लगाई। जिसके कारण सभी विद्यार्थियों के पास पुस्तक उपलब्ध नहीं हुआ। नगर निगम के 127 और नगर प्रखंड के 115 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में शिक्षा सेवकों के द्वारा सर्वे कराया गया। इसमें 238 विद्यालय का रिपोर्ट केआरपी के पास जमा हुई। 238 विद्यालय में 52298 छात्र-छात्रा नामांकित हैं। इसमें 9915 विद्यार्थियों के पास नया पुस्तक उपलब्ध है। 5903 विद्यार्थियों के पास पुरानी पुस्तक है। 6019 विद्यार्थियों के पास कुछ नया और कुछ पुराना पुस्तक है। जबकि 30461 छात्र-छात्रा के पास एक भी पुस्तक नहीं है।

छह माह बाद भी नहीं मिली पुस्तक 

गया सदर के 238 विद्यालय में नामांकित 52298 छात्र-छात्रा में 30461 विद्यार्थियों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त विद्यार्थियों को मार्च माह में ही वर्गवार पुस्तक उपलब्ध करा देना था। लेकिन छह माह बाद भी 30461 विद्यार्थियों को पुस्तक उपलब्ध नहीं कराया गया। इन बच्चों का पठन-पाठन कैसे होता होगा इसका आकलन आप भी लगा सकते हैं।


कैंप लगता तो बच्चे खरीद लेते पुस्तक

नगर प्रखंड के मध्य विद्यालय नीमा के शिक्षा सेवक ने कहा कि 316 विद्यार्थी नामांकित हैं। जिसमें 59 छात्र-छात्रा के पास पुस्तक है। जबकि 257 विद्यार्थियों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त छात्र-छात्रा का कहना है कि अगर कैंप लगाकर पुस्तक दी जाए तो हमलोग पुस्तक खरीद लेगें। डुमरा प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी मो अजीम का कहना है कि हमारे विद्यालय में भी काफी बच्चों के पास पुस्तक नही है। बगैर पुस्तक के बच्चों का पढ़ाई-लिखाई सही से नहीं हो रहा है। बीआरसी में जाने के बाद जानकारी मिली थी कि कैंप लगाकर विद्यार्थियों को पुस्तक दिया जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। जिसके कारण बच्चों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। मध्य विद्यालय चौहर के प्रधानाध्यापक बद्री नारायण प्रजापति का कहा कि किताब खरीदने के लिए कैंप नहीं लगी है। जिसके कारण विद्यार्थियों के पास पुस्तक नहीं है।


रखी जाएगी बात 

केआरपी दशरथ प्रसाद का कहना है कि गया सदर के 242 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में शिक्षा सेवक के द्वारा सर्वे कराया गया। जिसमें 238 विद्यालय की रिपोर्ट आई। जहां 30461 छात्र-छात्रा के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त विद्यार्थियों को पुस्तक जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की बात संबंधित अधिकारियों से कही जाएगी।