बिहार में अगले 48 घंटे में नई सरकार बनाने की हलचल

बिहार में  अगले 48 घंटे में नई सरकार बनाने की हलचल
जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह के इस्तीफे के बाद से बिहार की राजनीति गरमा गई है. जेडीयू बिना नाम लिए बीजेपी पर हमलावर हो गई है. वहीं इस राजनीतिक हंगामा को देखते हुए अब आसार यह भी जताई जा रही है कि राज्य में कभी भी बड़ा सियासी उलटफेर हो सकता है. 11 अगस्त तक नयी गवर्नमेंट बनाने की भी हलचल है. ऐसा इसलिए बताया जा रहा है क्योंकि सूत्रों के हवाले से समाचार आ रही है कि सीएम नीतीश कुमार ने कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी से टेलीफोन पर बात की है. इस वार्ता के बाद जेडीयू ने अब मंगलवार को अपने सभी सांसदों और विधायकों की बैठक बुला ली है. इस बीच राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी एक्टिव हो गए हैं और अपने विधायकों की बैठक बुलाई है.

नीतीश कुमार क्यों हैं नाराज?
जानकारी के मुताबिक गवर्नमेंट चलाने में फ्री हैंड नहीं मिलने के अतिरिक्त नीतीश चिराग प्रकरण के बाद आरसीपी प्रकरण से बीजेपी से खफा हैं. बीते कुछ महीने में नीतीश ने कई अहम बैठकों से दूरी बनाई है. कुछ महीने पूर्व नीतीश पीएम की कोविड-19 पर बुलाई गई बैठक से दूर रहे. हाल में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सम्मान में दिए गए भोज, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण कार्यक्रम से भी दूरी बनाई. इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह की ओर से बुलाई गई मुख्यमंत्रियों की बैठक से दूरी बनाने के बाद अब नीति आयोग की बैठक से भी दूर रहे.

सीएम नीतीश के विरूद्ध षड्यंत्र हुआ है: जदयू
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा, भविष्य में जब मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार होगा तो जदयू उसमें शामिल नहीं होगा. यह मुख्यमंत्री नीतीश का निर्णय है. इतना ही नहीं ललन ने साफ कर दिया कि आनें वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में दोनों दलों का गठबंधन अभी तय नहीं है. सिंह ने इशारों में बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा, नीतीश के विरूद्ध षड्यंत्र हुआ. उनका कद छोटा करने की षड्यंत्र रची गई. 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान चिराग मॉडल बनाकर उनके विरूद्ध षड्यंत्र हुआ और अब आरसीपी को मॉडल बनाया जा रहा था. समय आने पर यह भी साफ कर दिया जाएगा कि पार्टी के अंदर कौन सी षड्यंत्र चल रही थी.

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जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह के इस्तीफे के बाद से बिहार की राजनीति गरमा गई है. जेडीयू बिना नाम लिए बीजेपी पर हमलावर हो गई है. वहीं इस राजनीतिक हंगामा को देखते हुए अब आसार यह भी जताई जा रही है कि राज्य में कभी भी बड़ा सियासी उलटफेर हो सकता है. 11 अगस्त तक नयी गवर्नमेंट बनाने की भी हलचल है. ऐसा इसलिए बताया जा रहा है क्योंकि सूत्रों के हवाले से समाचार आ रही है कि सीएम नीतीश कुमार ने कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी से टेलीफोन पर बात की है. इस वार्ता के बाद जेडीयू ने अब मंगलवार को अपने सभी सांसदों और विधायकों की बैठक बुला ली है. इस बीच राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी एक्टिव हो गए हैं और अपने विधायकों की बैठक बुलाई है.

नीतीश कुमार क्यों हैं नाराज?

जानकारी के मुताबिक गवर्नमेंट चलाने में फ्री हैंड नहीं मिलने के अतिरिक्त नीतीश चिराग प्रकरण के बाद आरसीपी प्रकरण से बीजेपी से खफा हैं. बीते कुछ महीने में नीतीश ने कई अहम बैठकों से दूरी बनाई है. कुछ महीने पूर्व नीतीश पीएम की कोविड-19 पर बुलाई गई बैठक से दूर रहे. हाल में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सम्मान में दिए गए भोज, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण कार्यक्रम से भी दूरी बनाई. इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह की ओर से बुलाई गई मुख्यमंत्रियों की बैठक से दूरी बनाने के बाद अब नीति आयोग की बैठक से भी दूर रहे.

सीएम नीतीश के विरूद्ध षड्यंत्र हुआ है: जदयू

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा, भविष्य में जब मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार होगा तो जदयू उसमें शामिल नहीं होगा. यह मुख्यमंत्री नीतीश का निर्णय है. इतना ही नहीं ललन ने साफ कर दिया कि आनें वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में दोनों दलों का गठबंधन अभी तय नहीं है. सिंह ने इशारों में बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा, नीतीश के विरूद्ध षड्यंत्र हुआ. उनका कद छोटा करने की षड्यंत्र रची गई. 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान चिराग मॉडल बनाकर उनके विरूद्ध षड्यंत्र हुआ और अब आरसीपी को मॉडल बनाया जा रहा था. समय आने पर यह भी साफ कर दिया जाएगा कि पार्टी के अंदर कौन सी षड्यंत्र चल रही थी.