सीतामढ़ी में 12 डिसमिल जमीन के भतीजे की हत्या, दो वर्ष बाद मोहर्रम पर आया था बेटा

सीतामढ़ी में 12 डिसमिल जमीन के भतीजे की हत्या, दो वर्ष बाद मोहर्रम पर आया था बेटा

सीतामढ़ी में ताजिया खेलने के दौरान पुरुष की गोली मारकर मर्डर कर देने के मुद्दे में नया मोड़ सामने आया है. परिजनों ने बताया कि जमीनी टकराव को लेकर मृतक के चाचा के द्वारा ही उसे गोली मार दी गई. जिसकी मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच में उपचार के दौरान रविवार की शाम मृत्यु हो गई है. मृतक की पहचान असत्य की गांव निवासी 38वर्षीय मो कुर्बान नदाफ के रूप में की गई है. मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना पुलिस ने मृत शरीर को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया.

वही सूचना पर एसडीओ नवीन कुमार और डीएसपी विनोद कुमार समेत क्षेत्रीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची. जहां परिजनों ने बोला कि मृतक को 100 से अधिक गांव वालों के बीच में गोली मार दी गई. मृतक गोली लगने के बाद तड़पता रहा. लेकिन एक भी गांव वाले उसे उठाने के लिए नहीं गए. पुलिस पर भी आरोप लगाया है कि उन्हें सूचना देने के बावजूद गुमराह किया जा रहा था.

दो वर्ष बाद मोहर्रम पर आया था बेटा

मृतक के पिता ने बताया कि उसका बेटा मो कुर्बान कोलकाता में एक लोहा फैक्टरी में मजदूरी करता था. दो अन्य बेटे दिल्ली में रहते हैं. मोहर्रम को लेकर कुर्बान दो वर्ष बाद घर आया था. यहां पूर्व से ही मोअसरफ से 12 डिसमल भूमि के लिये टकराव चल रहा था. और शनिवार के रात मोहर्रम की मिट्टी थी. गांव के सभी लोग जुलूस में गए हुये थे. उसी जुलूस में कुर्बान भी गया हुआ था. इसी दौरान मोआशिक ने पिस्टल निकालकर कुर्बान को गोली मार दी. उन्होंने बताया कि गंभीर स्थिति में सीतामढ़ी सदर हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया. जहां से एसकेएमसीएच रेफर कर दिया. एसकेएमसीएच से पटना रेफर कर दिया गया. गंभीर हालत देख जुरन छपरा के एक निजी हॉस्पिटल ले गए. वहां उपचार के दौरान कुर्बान की मृत्यु हो गई.

पिता ने बोला की पर्व के घर में मातम का माहौल हो गया है. सभी का रो – रोकर बुरा हाल है. डीएसपी विनोद कुमार ने बोला की मुद्दे की छानबीन की जा रही है. प्राथमिकी दर्ज कराया जा रहा है.